--एक अभ्यर्थी और सोशल मीडिया : क्या करें क्या न करें?--


                                                          Naseerkhanj


--एक अभ्यर्थी और सोशल मीडिया :
         क्या करें क्या न करें?--
वर्तमान का दौर सोशल मीडिया का दौर है सूचनाओं का स्रोत हो या अफ़वाहों की फैक्ट्री हो या निजी जीवन के पहलुओं को साझा करना हो या व्यंग्य कटाक्ष चुटकलों के प्रसार का माध्यम हो या सरकारी या गैर सरकारी नीति का पक्ष या विरोध करना हो या अध्ययन ग्रुप्स व डिस्कशन हो या विभिन्न क्षेत्रों की जानकारियों का भंडार , हर क्षेत्र में सोशल मीडिया रफ्तार और मजबूती से समाज के हर वर्ग की जिंदगी का अंग बनता जा रहा हैं।
ऐसे में बहुत सजगता से सीमित रूप में सार्थकता के साथ सतर्कता बरतते हुए सोशल मीडिया का सन्तुलित उपयोग हर वर्ग के लिए एक आवश्यक हो गया है, अन्यथा इसके दुष्परिणाम विशेषकर अध्ययनशील युवा वर्ग को झेलने पड़ सकते हैं।
सोशल मीडिया पर अंगुलियों से स्क्रॉल करते करते कब 2-4 घण्टे गुजर जाते है पता ही नहीं चलता, इन 2- 4 घण्टो का अगर स्व अध्ययन होता पुस्तकों की सहायता से तो कुछ नयी बातें स्थायी स्मृति में अपना स्थान बनाती, याद रहे सोशल मीडिया अस्थायी स्मृति है यहां से पढ़ी हुई बातें बहुत जल्दी विस्मृत होती हैं।
एक अभ्यर्थी को सोशल मीडिया पे क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए ताकि अभ्यर्थी का अध्ययन भी प्रभावित न हो और सोशल मीडिया का सदुपयोग भी हो, इसपे में अपने विचार रख रहा हूँ-
१. सर्वप्रथम एक अभ्यर्थी को अपने फेसबुक में केवल उन लोगों को ही फॉलो करना चाहिए जो वास्तव में ज्ञान वर्धक लिखते हो उनकी प्रोफाइल या पेज ,राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की आधिकारिक वेबसाइट का पेज , मंत्रालयों की वेबसाइट पेज, मुख्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार पत्रों के आधिकारिक पेज, तथा ऐसे पेज जो ज्ञान वर्धक पोस्ट लिखते हो इत्यादि को फॉलो करना चाहिए बाकी सभी मित्रों, अनावश्यक ग्रुप, आप कैसे लगते हो या आपका बेस्ट फ्रेंड कौन है जैसे एप्पलीकेशन को तुरन्त अनफॉलो कर दिया जाना चाहिए।
२. पूरा दिन फेसबुक और व्हाट्सएप में स्क्रोल करने की बजाय 1 घण्टे दोपहर में और 1-2 घण्टे रात में इनका उपयोग करे, तथा मुख्य समसामयिक मुद्दे जो आपको सोशल मीडिया वे मिले उनकी संक्षिप्त रूप से बुकलेट में नोट कर ले। आपको बता दूं कंप्यूटर और मोबाइल वे पढ़ी हुई चीज़े अल्पकालिक विस्मृत होती है, इसलिए महत्वपूर्ण बातों को लिख के ताकि बाद में उन मुद्दों की तलाश न करनी पड़े।
३. ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप और फ़ेसबुक ग्रुप जहाँ पूरा दिन प्रश्नोत्तरी होती है वो आपकी पढ़ाई में कभी मददगार नहीं होंगे। आप सोचो पूरे दिन में आप विभिन्न प्रश्नोत्तरी ग्रुप्स से 50प्रश्न पढ़ते है वो भी कुछ समय बाद भूल जाओगे , अगर पूरे दिन में 6-7 घण्टे सेल्फ स्टडी करते तो शायद 500 प्रश्न का एक पूरा टॉपिक तैयार कर सकते थे औऱ वो भी स्थायी स्मृति वाला। अतः व्हाट्सएप , फ़ेसबुक, टेलीग्राम के ऐसे ग्रुप में अपना समय बर्बाद न करे। केवल उन ग्रुप में रहे जो आपको नवीन जानकारी देता हो।
४. कई अभ्यर्थी केवल फ़ोटो लाइक करने या लाइक लेने, पोस्ट लाइक करने , शायरी करने, कॉपी पेस्ट करने के लिए पूरा दिन फेसबुक , व्हाट्सएप , टेलीग्राम व इंस्टाग्राम में व्यर्थ कर देते हैं। ऐसे अभ्यर्थियों को बता दूं कि इस प्रकार समय ख़राब मत करो, इन लाइक्स से कुछ भी प्राप्त नहीं होगा। जब आप सफल हो जाओगे तो हजारों लाइक स्वतः ही आ जांएगे, इसलिए अभी लाइक की भूख में पूरा दिन व्यर्थ मत करो।
५. अभिभावक के तौर पे आपका उत्तरदायित्व बनता है कि आप अपने बच्चों की सोशल मीडिया पे की जाने वाली हर गतिविधि पे नज़र रखे। ताकि बच्चे पर नियंत्रण बना रहे। ब्लू व्हेल गेम की गिरफ्त में बच्चे इसी सोशल मीडिया से आते हैं। अतः आप अपने बच्चों को एंड्रॉयड फोन के उपयोग को नियमित समय पर और नियंत्रित रूप से करने दे। जब बच्चा विद्यालय, कॉलेज या कोचिंग जाए तब पीछे उसके फोन को अच्छे से चेक करे।
नोट- में कभी सोशल मीडिया के खिलाफ नहीं रहा और न खिलाफ रहूंगा , में खिलाफ हूँ इसके दुरपयोग के, में खिलाफ हूँ सोशल मीडिया पे समय व्यर्थ करने के।
by Naseer khan j
Email : khannaseerj@gmail.com
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