आप ias बन सकते हो
एक सवाल❓❓❓❓❓❓❓
अगर 10Th 50% और 12Th में भी 50% अंक लाने वाले कलेक्टर और एसपी बन सकते हैं तो फिर आपको किस बात की बेचैनी हो रही हैं।
एक बात को मन में गांठ बांध लीजिये की किसी भी सूरत में हार तो माननी ही नहीं हैं नहीं हैं नहीं हैं।
क्यों आप हताश और निराश हैं। क्यों आप हर 5 दिन बाद ऐसा सोचते हैं कि मैं नहीं बन सकती/सकता।
मेरे से नहीं हो पाएगा। ऐसा तो सिर्फ टॉपर ही कर सकते हैं।
बेवजह चिंता करना बंद कर दीजिए और उसकी जगह पर चिंतन करना शुरू कर दीजिए।
अरे आप खुशकिस्मत हैं जो आप इस हालात में जी रहे हैं। वो भी लोग तो ऊँचे ऊँचे सपने देखते हैं जिनको दो वक़्त का खाना भी नसीब नहीं होता, जिनके पास रहने के लिए एक अच्छा घर तक नहीं हैं।
लेकिन वे अपने सपनों को अंदर ही अंदर दबाते रहते हैं, और कर भी क्या सकते हैं बेचारे। पैसा नहीं हैं खाने तक का इतनी महंगी किताबें खरीदना और स्कूल की फीस भरना उनके बस की बात नहीं होती।
इसीलिये उनके लिए हमें कुछ करना हैं और उनके लिए लड़ना हैं और उसके लिए पहला कदम हैं सिविल सेवा परीक्षा को पास करना।
फिर.....लग जाइये पूरी मेहनत और लगन के साथ में ताकि किसी की सहायता कर सको।
और अपना मनपसंद भारत का निर्माण कर सको।
दो रास्ते हैं अगर अपने सपनों का भारत तैयार करना हैं तो यही रास्ता हैं आपके पास में सच्चे मन से पढ़िए।
या फिर जो हो रहा हैं जैसा भी हो रहा हैं उसे देखते जाओ सहन करते जाओ😕😔😔😔😔😔😔😔😔😔
मुसीबतें सभी के सामने आती हैं कभी भी इस बात को ये कहकर मत बहलाइये की मैं गरीब हूँ मेरे मम्मी पापा अनपढ़ हैं ।
गोविन्द जायसवाल की भी तो यही स्थिति थी फिर भी उन्होंने हिंदी माध्यम में टॉप किया था।
सिर्फ इंग्लिश मीडियम के कैंडिडेट्स ही इन एग्जाम्स को क्वालीफाई करते हैं।
मैं हिंदी माध्यम से हूँ।
मैंने कोचिंग सेंटर ज्वाइन नहीं किया।
मैं सिर्फ स्वाध्याय(self study) ही कर रहा हूँ।
एग्जाम में पास होने वाले केवल कोचिंग संस्थानों वाले होते हैं।
ऐसा बिल्कुल भी नहीं हैं।
इस साल के IAS टॉपर अनुदीप और अनुप्रिया दोनों सेल्फ स्टडी से ही टॉपर बने हैं।
इसीलिए आप भी न सिर्फ एग्जाम को पास कर सकते हैं बल्कि सर्वोच्च स्थान भी हासिल कर सकते हैं। इसमें कोई दो राय नहीं हैं।
बस आपकी प्रिपरेशन अच्छे मन से और सच्ची लगन के साथ साथ सही दिशा में होनी चाहिए।
ये रोज़ रोज़ की जब देखो सोशल मीडिया और चिट चाट करना अच्छा नहीं हैं।
कुछ स्टूडेंट्स होते हैं जो दिन में 2-2 घण्टे सोशल मीडिया पर बिताते हैं जी हाँ 2 घंटे कोई कम बात नहीं हैं।
अगर आप भी इतना या इससे भी अधिक समय बिता रहे हैं तो अभी से ही संभल जाइए।आपको मिलता ही क्या हैं ऐसा करने से आपको सक्सेज़ के नाम पर कुछ भी मिलने वाला नहीं हैं।
मेरे कहने का मतलब यही हैं कि आप एक स्मार्ट वे में प्रिपरेशन करिये। ताकि आपके पढ़ने का कुछ सार भी निकले।
सफलता दो तरह से मिलती हैं एक जो केवल एक साल की कठिन मेहनत से।
और दूसरी 5वें या 6वें प्रयास में।
अब वही बात हैं कि समय आपका हैं चाहो तो सोना बना दो और चाहो तो सोने में निकाल दो।
फैसला आपके हाथ हैं समय भी काफी सारा आपके पास में हैं।
अभी भी नहीं सम्भले/नहीं सुधरे तो किसी को कोई मतलब नहीं हैं आपसे दुनिया आगे निकल जाएगी। आप जानो और आपका काम जाने🙏🏻🙏🏻
जो चीजें आपके काम की नहीं हैं उनको अभी जब तक आपको अपनी मंजिल हासिल नहीं हो जाती तब तक के लिए उनको अपनी प्यारी सी जिंदगी से दूरि कर लो।
देर तो पहले से ही हो चुकी हैं। अभी पछताना नहीं हैं । बस ध्यान रहें जो जो गलतियां आपने आज तक की हैं वो Repeat न हों।
अपने आने वाले कल को आज से बेहतरीन बनाइये।
अगर आप ऐसा करने में कामयाब हो रहे हैं तो 💯% निश्चित हैं कि आपको अपनी मनचाही सफलता मिलेगी।
याद करिये आपका जन्म क्यों हुआ हैं किस मकसद के लिए आपको यहाँ इंसान के रूप में भेजा हैं।
अगर आपको वो पता चल गया तो सोच लीजिये मंजिल अब सिर्फ एक कदम ही दूर हैं।
जब आप Demotivate होते हैं Youtube पर या फिर अपनी गैलरी की वीडियो Folder में नहीं जाना हैं।
तो बस केवल दो चीजें कर लीजिए।
पहली ये की अपने मम्मी पापा का वो चेहरा अपनी आँखों के सामने लेकर आइये। और उनसे बात कर लीजिए पास में हो तो face to face अन्यथा आपके पास में मोबाइल तो हैं ही।
दूसरी बात ये की आपने जब इस एग्जाम को देने के बारे में सोचा था तब अपने आप से क्या बोला था। क्यों किया था इतना बड़ा फैसला।
बस फिर आपको संदीप माहेश्वरी के वीडियो देखने की भी जरुरत नहीं पड़ेगी।
और आप अगर देख रहे हैं तो भी गलत बात ही हैं क्योंकि आपको बार बार ये देखने पड़ते हैं। और इनका आप पर 2 घंटे से ज्यादा समय तक प्रभाव नहीं रहता।
इसीलिए जो दो बातें हैं वही आपका Burning डिजायर हैं बाकि सब कुछ भी नहीं हैं।
✍🏻 ɪᴀs ᴀsᴘɪʀᴀɴᴛ Naseer khan j
🎓 ᴡɪsʜ ᴜ ᴀʟʟ ᴛʜᴇ ʙᴇsᴛ 🎓
अगर 10Th 50% और 12Th में भी 50% अंक लाने वाले कलेक्टर और एसपी बन सकते हैं तो फिर आपको किस बात की बेचैनी हो रही हैं।
एक बात को मन में गांठ बांध लीजिये की किसी भी सूरत में हार तो माननी ही नहीं हैं नहीं हैं नहीं हैं।
क्यों आप हताश और निराश हैं। क्यों आप हर 5 दिन बाद ऐसा सोचते हैं कि मैं नहीं बन सकती/सकता।
मेरे से नहीं हो पाएगा। ऐसा तो सिर्फ टॉपर ही कर सकते हैं।
बेवजह चिंता करना बंद कर दीजिए और उसकी जगह पर चिंतन करना शुरू कर दीजिए।
अरे आप खुशकिस्मत हैं जो आप इस हालात में जी रहे हैं। वो भी लोग तो ऊँचे ऊँचे सपने देखते हैं जिनको दो वक़्त का खाना भी नसीब नहीं होता, जिनके पास रहने के लिए एक अच्छा घर तक नहीं हैं।
लेकिन वे अपने सपनों को अंदर ही अंदर दबाते रहते हैं, और कर भी क्या सकते हैं बेचारे। पैसा नहीं हैं खाने तक का इतनी महंगी किताबें खरीदना और स्कूल की फीस भरना उनके बस की बात नहीं होती।
इसीलिये उनके लिए हमें कुछ करना हैं और उनके लिए लड़ना हैं और उसके लिए पहला कदम हैं सिविल सेवा परीक्षा को पास करना।
फिर.....लग जाइये पूरी मेहनत और लगन के साथ में ताकि किसी की सहायता कर सको।
और अपना मनपसंद भारत का निर्माण कर सको।
दो रास्ते हैं अगर अपने सपनों का भारत तैयार करना हैं तो यही रास्ता हैं आपके पास में सच्चे मन से पढ़िए।
या फिर जो हो रहा हैं जैसा भी हो रहा हैं उसे देखते जाओ सहन करते जाओ😕😔😔😔😔😔😔😔😔😔
मुसीबतें सभी के सामने आती हैं कभी भी इस बात को ये कहकर मत बहलाइये की मैं गरीब हूँ मेरे मम्मी पापा अनपढ़ हैं ।
गोविन्द जायसवाल की भी तो यही स्थिति थी फिर भी उन्होंने हिंदी माध्यम में टॉप किया था।
सिर्फ इंग्लिश मीडियम के कैंडिडेट्स ही इन एग्जाम्स को क्वालीफाई करते हैं।
मैं हिंदी माध्यम से हूँ।
मैंने कोचिंग सेंटर ज्वाइन नहीं किया।
मैं सिर्फ स्वाध्याय(self study) ही कर रहा हूँ।
एग्जाम में पास होने वाले केवल कोचिंग संस्थानों वाले होते हैं।
ऐसा बिल्कुल भी नहीं हैं।
इस साल के IAS टॉपर अनुदीप और अनुप्रिया दोनों सेल्फ स्टडी से ही टॉपर बने हैं।
इसीलिए आप भी न सिर्फ एग्जाम को पास कर सकते हैं बल्कि सर्वोच्च स्थान भी हासिल कर सकते हैं। इसमें कोई दो राय नहीं हैं।
बस आपकी प्रिपरेशन अच्छे मन से और सच्ची लगन के साथ साथ सही दिशा में होनी चाहिए।
ये रोज़ रोज़ की जब देखो सोशल मीडिया और चिट चाट करना अच्छा नहीं हैं।
कुछ स्टूडेंट्स होते हैं जो दिन में 2-2 घण्टे सोशल मीडिया पर बिताते हैं जी हाँ 2 घंटे कोई कम बात नहीं हैं।
अगर आप भी इतना या इससे भी अधिक समय बिता रहे हैं तो अभी से ही संभल जाइए।आपको मिलता ही क्या हैं ऐसा करने से आपको सक्सेज़ के नाम पर कुछ भी मिलने वाला नहीं हैं।
मेरे कहने का मतलब यही हैं कि आप एक स्मार्ट वे में प्रिपरेशन करिये। ताकि आपके पढ़ने का कुछ सार भी निकले।
सफलता दो तरह से मिलती हैं एक जो केवल एक साल की कठिन मेहनत से।
और दूसरी 5वें या 6वें प्रयास में।
अब वही बात हैं कि समय आपका हैं चाहो तो सोना बना दो और चाहो तो सोने में निकाल दो।
फैसला आपके हाथ हैं समय भी काफी सारा आपके पास में हैं।
अभी भी नहीं सम्भले/नहीं सुधरे तो किसी को कोई मतलब नहीं हैं आपसे दुनिया आगे निकल जाएगी। आप जानो और आपका काम जाने🙏🏻🙏🏻
जो चीजें आपके काम की नहीं हैं उनको अभी जब तक आपको अपनी मंजिल हासिल नहीं हो जाती तब तक के लिए उनको अपनी प्यारी सी जिंदगी से दूरि कर लो।
देर तो पहले से ही हो चुकी हैं। अभी पछताना नहीं हैं । बस ध्यान रहें जो जो गलतियां आपने आज तक की हैं वो Repeat न हों।
अपने आने वाले कल को आज से बेहतरीन बनाइये।
अगर आप ऐसा करने में कामयाब हो रहे हैं तो 💯% निश्चित हैं कि आपको अपनी मनचाही सफलता मिलेगी।
याद करिये आपका जन्म क्यों हुआ हैं किस मकसद के लिए आपको यहाँ इंसान के रूप में भेजा हैं।
अगर आपको वो पता चल गया तो सोच लीजिये मंजिल अब सिर्फ एक कदम ही दूर हैं।
जब आप Demotivate होते हैं Youtube पर या फिर अपनी गैलरी की वीडियो Folder में नहीं जाना हैं।
तो बस केवल दो चीजें कर लीजिए।
पहली ये की अपने मम्मी पापा का वो चेहरा अपनी आँखों के सामने लेकर आइये। और उनसे बात कर लीजिए पास में हो तो face to face अन्यथा आपके पास में मोबाइल तो हैं ही।
दूसरी बात ये की आपने जब इस एग्जाम को देने के बारे में सोचा था तब अपने आप से क्या बोला था। क्यों किया था इतना बड़ा फैसला।
बस फिर आपको संदीप माहेश्वरी के वीडियो देखने की भी जरुरत नहीं पड़ेगी।
और आप अगर देख रहे हैं तो भी गलत बात ही हैं क्योंकि आपको बार बार ये देखने पड़ते हैं। और इनका आप पर 2 घंटे से ज्यादा समय तक प्रभाव नहीं रहता।
इसीलिए जो दो बातें हैं वही आपका Burning डिजायर हैं बाकि सब कुछ भी नहीं हैं।
✍🏻 ɪᴀs ᴀsᴘɪʀᴀɴᴛ Naseer khan j
🎓 ᴡɪsʜ ᴜ ᴀʟʟ ᴛʜᴇ ʙᴇsᴛ 🎓
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